राजस्थान 'फर्जी लेटर' विवाद: कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर हरीश चौधरी भड़के; भाजपा ने कहा- "साजिशकर्ता बचेंगे नहीं"

राजस्थान 'फर्जी लेटर' विवाद: कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर हरीश चौधरी भड़के; भाजपा ने कहा- "साजिशकर्ता बचेंगे नहीं"

Rajasthan Fake Letter Row: Harish Chaudhary

Rajasthan 'Fake Letter' Row: Harish Chaudhary

Rajasthan 'Fake Letter' Row: Harish Chaudhary, राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से वायरल हुए फर्जी पत्र मामले में अब सियासय तेज हो गई है. फर्जी लेटर केस में मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर हरीश चौधरी ने ऐतराज जताया है. कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने कहा कि अवैध रूप से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर 24 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रखना न केवल निंदनीय है, बल्कि कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ भी है. उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की है.

'न्याय नहीं मिला कोर्ट जाएंगे' 

कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाने का यह तरीका बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. हमारे कार्यकर्ताओं के साथ किया गया, यह व्यवहार स्पष्ट रूप से सत्ता के दुरुपयोग को दर्शाता है. हम मांग करते हैं कि पुलिस तुरंत हमारे सभी कार्यकर्ताओं को रिहा करे और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए.

फर्जी लेटर पर भाजपा ने दिखाया सख्त रुख

कांग्रेस नेता ने साफ किया कि इस मामले को लेकर हमारा संगठन पूरी मजबूती के साथ खड़ा है. अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो हम कोर्ट में जाएंगे और अपने साथियों के अधिकारों की रक्षा करेंगे. उधर वसुंधरा के नाम से वायरल फर्जी लेटर पर भाजपा ने भी अपना सख्त रुख दिखाया है. मंगलवार को जयपुर में प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने साफ किया कि प्रशासनिक अमला इस मामले की जांच कर रहा है. जिसने भी यह साजिश रची है, उसकी पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

'वसुंधरा के रूप में प्रभावी सीएम दिया'

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड गिनाते हुए कहा कि बीजेपी ने हमेशा महिलाओं को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाया है. उन्होंने कहा, "हमने राजस्थान को वसुंधरा राजे के रूप में एक बेहद प्रभावी मुख्यमंत्री दिया और वर्तमान सरकार में दीया कुमारी को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है. इसी तरह हमने दिल्ली में सुषमा स्वराज को कमान सौंपी थी और उत्तर प्रदेश में मायावती को तीन बार समर्थन देकर मुख्यमंत्री बनाया था."